भील प्रदेश विधार्थी मोर्चा ने फुंका मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का पुतला पाठ्यक्रम से वीर कालीबाई के इतिहास को हटाने पर

प्रतापगढ़। जिले के धरियावद में वीर कालीबाई कलासुआ के शौर्य,त्याग व बलिदान की गाथा को कक्षा पांचवी के पाठ्यक्रम से हटाने के विरोध में भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा धरियावद ने शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर राजस्थान सरकार के नाम उपखंड अधिकारी धरियावद को ज्ञापन सौंपा है। जानकारी देते हुए भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के जिला संयोजक बहादुर निनामा ने बताया कि राजस्थान की वीरांगना कालीबाई कलासुआ ने 17 अगस्त 1947 को अपने प्राणों की आहुति देकर आदिवासी समाज के बच्चों की शिक्षा एवं स्वतंत्रता के लिए बलिदान हो गयी। उनकी शौर्य गाथा केवल आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि संपूर्ण राजस्थान और पूरे भारत की प्रेरणा है। हाल ही में माध्यमिक शिक्षा के कक्षा 5वीं के पाठ्यक्रम से वीर कालीबाई कलासुआ से संबंधित पाठ को हटाया गया। यह निर्णय केवल आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करता है बल्कि नई पीढ़ी को उनके त्याग और बलिदान से अनभिज्ञ भी करता है। वीर कालीबाई कलासुआ के वीरता और त्याग बलिदान की गाथा को पुनः पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को लेकर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा ने राजकीय महाविद्यालय से रैली के रूप में पुराना बस स्टेशन पर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। साथ ही विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सोपा है। ज्ञापन में सैकड़ो की संख्या में भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता,विद्यार्थी व आदिवासी परिवार विंग के पदाधिकारी सम्मिलित हुए।

