नगर परिषद प्रतापगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनाक्रोश रैली कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धरना और पुलिस द्वारा कार्रवाई

नगर परिषद प्रतापगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनाक्रोश रैली कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धरना और पुलिस द्वारा कार्रवाई
प्रतापगढ़। नगर परिषद प्रतापगढ़ में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष सुशील गुर्जर के नेतृत्व में जन आक्रोश रैली और धरने का आयोजन किया। यह प्रदर्शन दोपहर 1:30 बजे नगर परिषद के कार्यालय के बाहर शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल थे। प्रदर्शन किला परिसर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नगर परिषद कार्यालय पहुंचा।
पार्टी ने निर्माण शाखा, स्टोर शाखा, गैरेज और भूमि शाखा में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की आशंका जताई। कांग्रेस नेताओं ने प्रत्येक शाखा की विस्तृत जांच की मांग की और स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
नेता प्रतिपक्ष सुशील गुर्जर ने बताया कि 14 जुलाई को जिला कलेक्टर को भ्रष्टाचार के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें पांच दिन में कार्रवाई की मांग की गई थी। हालांकि, तय समय सीमा के बावजूद प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया, जिससे नाराज होकर यह आंदोलन तेज किया गया।
कांग्रेस ने नगर परिषद आयुक्त ललित सिंह और कनिष्ठ अभियंता दुलीचंद सोलंकी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी जांच आदेशों का हवाला देते हुए, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इन अधिकारियों को तत्काल पद से हटाने की मांग की।
धरने के दौरान नगर परिषद कार्यालय के बाहर डीजे पर भ्रष्टाचार विरोधी गीत बजाए गए। कुछ कार्यकर्ताओं ने गेट बंद करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने तत्परता से रोक दिया। इसके विरोध में नेता प्रतिपक्ष सहित कार्यकर्ता गेट के बाहर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने शहर के सभी टेंट व्यवसायियों को टेंट लगाने से रोक दिया, लेकिन इसके बावजूद वे बिना टेंट के ही धरने पर बैठ गए। इसी दौरान, पुलिस प्रशासन ने सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर एक बस में मंदसौर रोड पर शहर से बाहर छोड़ दिया।
सुशील गुर्जर ने इस कार्रवाई को “लोकतंत्र का गला घोंटने” जैसा बताया और भाजपा सरकार पर प्रशासन पर दबाव डालकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
इस घटना की जानकारी लोकसभा प्रत्याशी उदयलाल आंजना, जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत और पूर्व विधायक रामलाल मीणा सहित वरिष्ठ नेताओं को दी गई, जिन्होंने पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। अब जिला कलेक्टर से दोबारा धरना प्रदर्शन की अनुमति लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

