ज़िन्दगी एक किराए का घर है एक दिन खाली करना है -कोशलेन्दृ जी महाराज। कथा के छटे दिन हुआ कृष्ण रुक्मणि विवाह।
सिंगोली। नगर में चल रही भागवत कथा ज्ञान गंगा महोत्सव के छठवें दिन कथा में बोलते हुए प्रसिद्ध कथाकार कोश्लेन्दृ जी महाराज ने कहा कि ज़िन्दगी एक किराए का घर हे एक दिन खाली करना है हमें अपनी आत्मा के उद्धार के लिए धर्म की राह पर चलना चाहिए कोई भी बलवान अपने बल पर बलवान नहीं होता जब तक उसे भगवान का बल नहीं मिलता है। उदाहरण के रूप में सहस्त्र बाहु ओर दशानन जैसे बलवान की बात बताते हुए कहा कि इन्हें भी काल के गाल में समांना पड़ा। कथा मे आगे बोलते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने सात वर्ष की उम्र में सात कोस के गिरीराज को अपनी एक उंगली पर उठा कर इन्द्र के घमंड को चुर कर दिया था इस पुरे वृत्तांत को बहुत ही सुन्दर तरीके से बताया ओर कहा कि हमे हमारे जीवन में घमंड नहीं करना चाहिए। भगवान की लीलाओं पर बोलते हुए कहा कि कान्हा ने कामधेनु गाय को दर्शन देकर गाय को सदैव पूज्यनीय बना दिया। कथा में आज छठवें दिन कान्हा की ग्वालों ओर गोपियों संग रासलीला तथा जिस कंस के लिए नारायण को अवतार लेना पड़ा उस कंस वध का शानदार चित्रण भी किया तथा उद्धव बृजगमन के साथ भगवान श्री कृष्ण ओर रुक्मिणी के विवाह की शानदार झांकी सजाई गई और विवाह वृत्तांत सुनाया। श्री कृष्ण रुक्मिणी विवाह पर भक्तों ने जमकर खुशी का मनाई ओर नाचते गाते श्री कृष्ण रुक्मिणी की आरती पूजा की।
आज कथा की शुरुआत तिवारी एवं बिल्लु परिवार के वरिष्ठो द्वारा व्यासपीठ की पूजा से हुई इसके अलावा क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता
पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा,खरगोन से पूर्व विधायक रवि जोशी,
इन्दौर से वरिष्ट पत्रकार प्रतीक श्रीवास्तव
नगर सभा के अध्यक्ष वीरेंद्र व्यास,गुजरगोड ब्राह्मण सभा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतीश व्यास, कमलेश शारडा,जिला महामंत्री विक्रम सोनी,मंडल अध्यक्ष गोपाल धाकड़, वरिष्ठ पत्रकार सुधाकर सिंह,लोकेश पॉल, मंदसौर के पत्रकार घनश्याम बटवाल,ब्रजेश जोशी,जावरा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता वरुण क्षोत्रिय ,डॉक्टर जीके उपाध्याय आदि लोग भी कथा में रहे।
सांसद ने काफी देर पंडाल में बैठकर सुनीं कथा।
कथा के छठे दिन सांसद सुधीर गुप्ता ने कथा में पहुंच कर काफी देर तक कथा पंडाल में बैठकर कथा का श्रवण किया। आपके साथ भाजपा जिला महामंत्री अशोक सोनी विक्रम मंडल अध्यक्ष गोपाल धाकड़, नगर परिषद उपाध्यक्ष मोतीलाल धाकड़,ओमप्रकाश मुंदड़ा कमलेश सारडा आदि स्थानीय जनप्रतिनिधि कथा में उपस्थि होकर धर्म का लाभ लिया ।


