धौलपुर

जिले में धातु एवं सिंथेटिक मांझे की थोक एवं खुदरा बिक्री निषेध

धौलपुर, 1 जनवरी। जन स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं मानव, पशु, पक्षियों की जान के खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाये रखने हेतु धातु निर्मित मांझा, पतंग उड़ाने के लिये पक्का धागा, नायलोन, प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक व टोक्सीक मेटेरियल यथा आयरन पाउडर ग्लास पाउडर के बने होते हैं उनके उपयोग एवं विक्रय पर रोक लगाई गई है।

जिला मजिस्ट्रेट श्रीनिधि बी टी ने नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जन स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधारहित बनाएं रखने एवं पक्षियों के लिये बड़े पैमाने पर खतरा बन चुके धातु निर्मित मांझे की थोक एवं खुदरा बिक्री तथा जिले की राजस्व सीमा व क्षेत्राधिकारता में उपयोग पर प्रतिबंध लगाये जाने के आदेश दिए हैं। साथ ही पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए प्रातः 6 बजे से 8 बजे तथा सायं 5 बजे से 7 बजे तक की समयावधि में पतंगबाजी पर भी प्रतिबंध रहेगा।

पाले से फसलों को बचाने हेतु करें आवश्यक उपाय

धौलपुर, 1 जनवरी। जिले में विगत दिनों से लगातार गिरते तापमान एवं शीतलहर चलने के कारण फसलों पर पाला पड़ने की संभावना के चलते चेतवानी जारी की गई है। संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जिला परिषद प्रभुदयाल शर्मा ने बताया कि पाले से सरसों, सब्जियों एवं अन्य फसलों के फल-फूल झुलसकर गिर जाते है। जिससे उत्पादन पर विपरित प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि पाले की संभावना होने पर खेत में हल्की सिंचाई करें। जिससे भूमि का तापमान उचित बना रहे। उन्होंने बताया कि इसके अलावा खेत की उत्तर-पश्चिम दिशा की मेड़ों पर कूड़ा-कचरा जलाकर धुंआ करना भी लाभादायक रहता है।

फसल की सुरक्षा के लिए 0.1 प्रतिशत गंधक का तेजाब या घुलनशील गंधक का छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नव स्थापित पौधों एवं छोटी सब्जियों को टाट या पॉलिथीन से ढक कर ठंडी हवाओं के प्रभाव से बचाया जा सकता है।

शीतलहर का प्रकोप जारी, चिकित्सा विभाग ने जारी की आमजन के लिए एडवाइजरी

धौलपुर, 1 जनवरी। जिले सहित समूचे उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी है। जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए शीतलहर से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश और एडवाइजरी जारी की है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीणा ने बताया कि आमतौर शीतलहर दिसंबर और जनवरी में घटित होती है, जिसके चलते सर्द हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने के साथ-साथ यदा कदा जनहानि होने की आशंका भी रहती है। ऐसे में सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ऐसे समय में कुछ छोटी छोटी सावधानी बरत कर शीतलहर से बचा जा सकता है।

शीतलहर से होने वाले दुष्प्रभाव

डॉ. मीणा ने बताया कि शीतलहर का नकारात्मक प्रभाव बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर अधिक होता है। शीतलहर से प्रभावित रोगियों के लक्षण में शरीर का ठण्डा पड़ जाना, शरीर का सुन्न पड़ना, नाड़ी का धीमा व मन्द पड़ जाना, रोऐं खड़े हो जाना व श्वसन तेज चलना आदि होता है।

रोगी द्वारा समय पर उपचार नहीं लेने पर रोगी की मृत्यू भी हो सकती है। दिव्यांग व्यक्तियों, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित रोगियों, खुले क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों के लिए भी शीत लहर के दौरान विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। इसको दृष्टिगत रखते हुए आमजन को जागरूकता के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

शीतलहर से ऐसे करें बचाव

उन्होंने बताया कि शीत लहर अथवा पाले से बचाव के लिए गर्म वस्त्र एवं कई परतों में कपड़ों का उपयोग किया जाना चाहिए। जहां तक हो सके घर के बाहर कार्य हेतु दिन में निकले। स्वयं को व बच्चों को उपलब्ध ऊनी कपड़ो से ढ़कें।

फुटपाथ पर रहने वाले भ्रमणशील जातियां जैसे भिखारी, गाड़िया लुहार आदि रात्रि में रैन बसेरा, सार्वजनिक भवन, धर्मशालाओं में रहें। खुले स्थान पर न सोयें रात्रि में बाहर कार्य करना अथवा रहना आवश्यक हे तो अपने पास अंगीठी अथवा अलाव लगाकर तापने की व्यवस्था करें।

शीतलहर में अधिकतर गर्म भोजन का सेवन करें और खाद्य पदार्थ जैसे गुड़, तिल, चिकनाई, चाय, कॉफी आदि का सेवन करें। शारीरिक श्रम अधिक करें हो सके तो सुबह व्यायाम करें। तेल की मालिश करें। जिस शीतलहर से प्रभावित व्यक्ति को कम्बल, रजाई आदि से ढ़कें। पास में अंगीठी, हीटर आदि जलायें।

गर्म पेय पदार्थ गुड़, चाय, चिकनाई (घी), कॉफी, तेल का अधिक उपयोग करें ,गर्म पानी की थैली उपलब्ध होतो उससे सेक करें। बाद में पास के चिकित्सालय में दिखाऐं, जहां तक हो सके गर्म पानी से नहायें। शीतलहर से प्रभावित होने पर व्यक्ति को शीघ्र ही नजदीकी चिकित्सा संस्थान में उपचार हेतु ले जायें।

जिले की समस्त पंचायत समितियों के वार्डों का पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन, पुनर्निर्धारण पर प्रस्तुत कर सकते है आपत्तियां

धौलपुर, 1 जनवरी। राजस्थान सरकारी ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत राजस्थान पंचयाती राज अधिनियम 1994 की धारा 13(2) व 14(2) तथा राजस्थान पंचायती राज निर्वाचन नियम 1994 के नियम 3 व 4 के तहत पंचायत समिति धौलपुर, बाड़ी, बसेड़ी, राजाखेड़ा, सैपऊ व सरमथुरा तथा जिला परिषद धौलपुर के वार्डो एकल सदस्य निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन, पुनर्निर्धारण किया गया है।

जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने बताया कि पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन, पुनर्निर्धारण का प्रथम प्रकाशन, प्रकाशित होने होने के 7 दिवस की अवधि 1 जनवरी से 7 जनवरी तक जन साधारण से आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए प्रकाशन किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रथम प्रकाशन का सभी पंचायत समिति, तहसील, उपखण्ड अधिकारी, जिला परिषद एवं जिला कलक्टर कार्यालय में कार्य दिवसों में अवलोकन किया जा सकता है। निर्धारित अवधि की समाप्ति से पूर्व कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्तियां जिला कलक्टर कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का शुभारंभ
परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा प्रदर्शनी लगाई

1 जनवरी से 31 जनवरी तक चलेगा सड़क सुरक्षा माह

धौलपुर, 1 जनवरी। जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा एवं राज्य मंत्रालय भारत सरकार के आदेश की पालना में शुरू किए गए सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत गुलाब बाग चौराहे पर सड़क सुरक्षा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के साथ वर्ष 2026 की शुरुआत हुई है। सड़क सुरक्षा माह 31 जनवरी तक चलाया जाएगा।

मांझे

विभाग द्वारा शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे पर प्रदर्शनी लगाई जा रही है। जिसका उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों की प्रति जागरूक करना है।
सिख से सुरक्षा टेक्नोलॉजी से परिवर्तन के ध्येय को ध्यान में रखकर पूरे माह अभियान चलाया जाएगा।

इस अवसर पर परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रदर्शनी में यातायात नियमों से संबंधित पोस्टर लगवाए गए हैं जिससे लोगों को यातायात नियमों की जानकारी हो सके साथ ही प्रदर्शनी में नियमों की अवहेलना पर जुर्माने को भी दर्शाया गया है।

जिला यातायात प्रभारी बलविंदर सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग के सहयोग से जनवरी माह में चलाए जा रहे अभियान की शुरुआत की गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों की पालन करना है ना कि उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई करना है, मगर जो वाहन चालक यातायात नियमों की अवहेलना करते हैं उनके विरुद्ध विभाग द्वारा चालान की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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