नए अदालत परिसर में पसरने लगी है गंदगी

नो पार्किंग में खड़े किए जा रहे वाहन, समाज को न्याय कानून समझाने वाले ही तोड़ रहे कानून
प्रतापगढ़। शहर में अतिक्रमण हो या जाम अव्यवस्थाओं को लेकर समय समय पर समाचार प्रकाशित कर, प्रशासन को जनता जगाने का काम करती रहती है कभी कुंभकरणीय नींद से जगाने के पोस्टर लगाकर तो कभी सड़को पर जाम लगा कर जी हां हम बात कर रहे राजस्थान के प्रतापगढ़ शहर की जहां पिछले दिनों उदघाटित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में गंदगी पसरने लगी है। जिन वकीलों पर न्याय और कानून समझाने की जिम्मेदारी हैं। वह स्वयं पार्किंग स्थल की बजाय नो पार्किंग एरिया में वाहन पार्क करने लगे हैं। वकीलों के वाहनों के साथ ही उनके क्लाइंट भी अपने वाहन कोर्ट के मुख्य द्वार पर ही खड़े करने लगे हैं। ऐसे में न्यायालय अपने परिसर में सुधार नहीं कर पा रही है। अदालत के तीनों गेट पर वाहनों की पार्किंग से अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। पड़ताल में पता चला कि लोगों को अदालत में एक ही दिन में कई चक्कर लगाने होते हैं और वह हर बार पार्किंग के दस रुपए नहीं दे पाते, इसलिए वह निर्धारित स्थान पर वाहनों की पार्किंग नहीं करते। जितने स्टाम्प और नोटरी के रुपए नहीं लगते, उतने तो पार्किंग के देने पड़ जाते हैं। आमजन को लघुशंका के लिए व्यवस्था नहीं होने से उनको खुले में जाना मजबूरी बन गाया है। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय के कोर्ट मैनेजर जगदीश धाकड़ का कहना है कि वाहन पार्किंग ठेकेदार की आने-जाने वालों को परेशान किए जाने को लेकर काफी शिकायतें मिल रही हैं। इसका समाधान निकाला जाएगा। नई कोर्ट है, व्यवस्थाएं जमने में समय लगेगा।

