गादी माता की भव्य शोभायात्रा में आई माता के दर्शन को उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

प्रतापगढ़। जन जन की आस्था ओर विश्वास के पर्व भादवा बीज के अवसर पर वसीठा धोबी समाज की आराध्या महामाया गादी माता की भव्य शोभायात्रा सोमवार को प्रातः 10 बजे धोबी चौक स्थित गादी माता मंदिर परिसर से निकाली गई । एक जानकारी देते हुवे वसीठा धोबी समाज के जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र टांक एवं जिला प्रवक्ता मुकेश धोबी ने बताया कि धोबी समाज की आराध्या महामाया गादी माता की भव्य शोभायात्रा धोबी चौक स्थित गादी माता मंदिर परिसर से सोमवार को प्रातः 10 बजे बैंड बाजों की मधुर स्वर लहरियों और ढोल नगाड़ों की थाप पर निकाली गई यह शोभायात्रा धोबी चौक स्थित गादी माता मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर कुम्हारवाड़ा,पंडित जी की बावड़ी,सूरजपोल होते हुवे सीधे रामकुंड परिसर पहुंची जहां रामकुंड के पवित्र गंगाजल से महामाया गादी माता के कलश की पूजा अर्चना करने के पश्चात शोभायात्रा रामकुंड परिसर से पुनः प्रारंभ होकर गांधी चौराहा,पीपली गली,धानमंडी,सदर बाजार,मानक चौक,झंडा गली, सालमपुरा, भाटपुरा दरवाजा होते हुवे सीधे धोबी चौक स्थित गादी माता मंदिर परिसर पहुंची जहां महामाया गादी माता की एक घंटे तक महाआरती के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन किया गया ।
जगह जगह तोरणद्वार पुष्पवर्षा से स्वागत
गादी माता की शोभायात्रा के स्वागत के लिए जगह जगह तोरणद्वार लगाए गए जहां पर मुस्लिम समाज,मंदसौर रजक कल्याण सेवा समिति,पद्मावती ग्रुप,नगर परिषद, वसीटा धोबी समाज नवयुवक मंडल निंबाहेड़ा, श्री राम मंदिर सकल पंच वसीटा धोबी समाज मंदसौर,वसीटा धोबी समाज सेवा समिति सहित विभिन्न संगठनों की ओर से महामाया गादी माता का पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया।
61 ढोल मजीरे बने आकर्षण का केंद्र
महामाया गादी माता की शोभायात्रा को लेकर वसीटा धोबी समाज युवा टीम की ओर से किए गए 61 ढोल एवं निकिता टांक के नेतृत्व में वसीटा धोबी समाज की 31 बालिकाओं द्वारा एक जैसी वेशभूषा में मंजीरों के साथ आकर्षक नृत्य किया गया सामूहिक नृत्य लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा ।
गादी माता की सजीव झांकी ने किया मंत्रमुग्ध
महामाया गादी माता की शोभायात्रा में जहां महामाया आई माताजी की ज्योत के स्वागत के साथ दर्शन करने के लिए लोग उमड़ रहे थे वहीं दूसरी ओर आई माता की शिक्षाओं का संदेश देती आई माता की सजीव झांकी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी।
तीन राज्यों से उमड़े समाज के लोग
गादी माता की शोभायात्रा में भाग लेने के लिए अरनिया,बजरंगगढ़,असावता, मंडावरा, गंघेर, खेरोट,अरनोद, सिद्धपुरा,स्वरूपगंज,जीरण,नीमच,छोटीसादड़ी,बड़ीसादड़ी,निंबाहेड़ा,चित्त्तौड़गढ़,चंदेरिया,भीलवाड़ा,जयपुर,सिंगोली,रावतभाटा,रतनगढ़,दलोट,पिपलौदा,जावरा,रतलाम,मंदसौर, बांसवाड़ा सहित राजस्थान,मध्यप्रदेश,गुजरात तीनों राज्यों के कई स्थानों से धोबी समाज के लोग गादी माता के इस पर्व को सफल बनाने के लिए शोभायात्रा में शामिल हुवे ।
रातभर चला भजन संध्या का दौर
भादवा बीज के उपलक्ष्य में वसीटा धोबी समाज की ओर से निकाली गई गादी माता की शोभायात्रा महाआरती महाप्रसादी के पश्चात संपूर्ण रात्रि भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें धोबी समाज के प्रत्येक परिवार से दो सदस्यों ने अनिवार्य रूप से भाग लिया।
वसीठा धोबी समाज की 36 प्रतिभाओं को किया पुरस्कृत
श्री आई माता वसीटा धोबी समाज सेवा समिति की ओर से भादवा बीज के उपलक्ष्य में सोमवार को रात्रि 8 बजे धोबी चौक स्थित गादी माता मंदिर परिसर में श्री आई माता वसीटा धोबी समाज सेवा समिति के अध्यक्ष रवि/सोमेश टांक के नेतृत्व में वसीटा धोबी समाज के बालक बालिका जिन्होंने सत्र 2025- 26 में कक्षा पहली से बाहरवी कक्षा तक सर्वाधिक अंक से परीक्षा उर्तीण की है ऐसे प्रत्येक कक्षा में तीन सहित 36 प्रतिभाओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया ताकि भविष्य में कभी भी वे अपने लक्ष्य से विचलित ना हो और अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिए संघर्ष कर आगे बढ़ते रहे ।
सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समा
वसीटा धोबी समाज की ओर से रविवार को रात्रि 8 बजे धोबी चौक स्थित गादी माता मंदिर परिसर में महिला मंडल अध्यक्षा आशा टांक एवं निकिता टांक के नेतृत्व में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया । सांस्कृतिक संध्या के प्रारंभ में वसीटा धोबी समाज जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र टांक, पूर्व पार्षद चंपालाल टांक, लालाभई पहलवान
पार्षद संजय टांक,अशोक बारोलिया द्वारा श्रीआई माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। उसके पश्चात धोबी समाज के बालक बालिकाओं ने अपने अलग अलग अंदाज में अपनी प्रस्तुति दी किसी ने श्री कृष्ण राधा का रूप धरकर तो किसी ने आई माता बनकर सामूहिक नृत्य किया इसके साथ ही नमन बारोलिया,नितिन बारोलिया ने सामूहिक रूप से माता पिता को बुढ़ापे में वृद्धाश्रम छोड़ने जैसी कुरीति पर वार करते हुवे शानदार नाटक प्रस्तुत किया जिस पर उपस्थित भीड़ ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

