मंदिर की जमीन एवं कमरो पर अवैध कब्जे को हटाने को लेकर दिया जिला कलक्टर को ज्ञापन

प्रतापगढ़। धमोत्तर पंचायत समिति के अन्तर्गत बिहारा हनुमान मंदिर की जमीन एवं कमरो पर अवैध कब्जे को हटाने को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण शुक्रवार को मिनी सचिवालय कलेक्टेªट पहुंचकर जिला कलक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया व प्रतापगढ़ तहसीलदार को ज्ञापन सौपकर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
ग्रामवासियों ने ज्ञापन सौंपकर बताया कि बिहारा में किस्म मगरी की करीब 15 बीघा जमीन है जिस पर गांव बिहारा, बाबूपठार, टाण्डा, ढ़लमु मानपुरा, कुलमीपुरा, मजेसरिया, पड़ावा सभी ग्रामवासीयों ने मिलकर जमीन पर करीब 30 वर्ष पूर्व हनुमान के मंदिर का नवनिर्माण किया था। यह मंदिर करीब 100 से 150 वर्ष पुराना है जिसकी देख-रेख पुजा-पाठ हेतु पंण्डित की नियुक्ति कर रखी थी। इस मंदिर के पास दो कमरे गांव वासियो के सहयोग से बनाये गये थे जिसका उपयोग पुजारी पंण्डित करते थे तथा मंदिर के आस पास भूमि पर बहुत सारे फलदार एवं छावदार वृक्ष लगाये हुवे थे लेकिन पिछले एक वर्ष से अवैध अतिक्रमियों निवासी बिहारा वालो ने इस मंदिर के पास में स्थित मंदिर की जमीन व मंदिर के लिए बना रखे कमरो पर अनाधिकृत कब्जा कर लिया है। इस जमीन पर फसल बो दी है व झोपडीयों का निर्माण कर लिया है।
ग्रामवासियों ने कई मर्तबा इन व्यक्तियों को कब्जा छोड़ने के लिए समझाईश करने गये तो ये लोग हम लोगांे को गाली गलौच कर वहां से भगा देते तथा सभी अवैध अतिक्रमियों ने मंदिर की जमीन पर एवं मंदिर के कमरों पर अवैध कब्जा कर रख है तथा मंदिर के कमरो पर अपना ताला लगा दिया है।
सभी ग्रामवासियों ने मिलकर प्रार्थना पत्र पेश कर निवेदन किया कि सभी व्यक्तियों से मंदिर के कमरो का कब्जा छुड़वाया जावे तथा मंदिर की आस पास की जमीन जो कि मंदिर की है उस पर से भी सभी व्यक्तियों का नाजायज कब्जा छुड़ाया जाकर पूनः मंदिर को सुर्पद किये जाने का आदेश प्रदान करवाए।
ज्ञापन में बिहारा सरपंच प्रतिनिधि केसुराम मीणा, कुलमीपुरा सरपंच प्रतिनिधि अमरू मीणा, दयाल मीणा, लक्ष्मण मीणा, रघुनाथ लबाना, अंबालाल मीणा, कारूलाल मीणा, मनोहर लबाना, नारायण मीणा, सुनील, प्रेमचंद, सुरेश, गुड्डालाल, कालुलाल मीणा, उदयलाल मीणा, पन्नालाल, विष्णु, लक्ष्मण, खतूराम मेघवाल, भेरूलाल मीणा, गोवर्धन लबाना, भंवरलाल लबाना सहित बड़ी संख्या में बिहारा, बापूपठार, टांडा, ढ़लमू मानपुरा, कुलमीपुरा, मजेरिया, पडावा के ग्रामीणों ने मिलकर ज्ञापन दिया।

