धौलपुर

सड़क सुरक्षा अभियान 31 जनवरी तक होगा जिले में संचालित

सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये होंगी विभिन्न गतिविधियां

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सड़क सुरक्षा अभियान 31 जनवरी तक होगा जिले में संचालित
सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये होंगी विभिन्न गतिविधियां

धौलपुर, 2 जनवरी। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 सड़क सुरक्षा अभियान जिले में 1 जनवरी से लेकर 31 जनवरी  तक संचालित होगा। इस दौरान जिले में सड़क सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जायेंगी। जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने सड़क सुरक्षा अभियान की सफलता के लिये विभिन्न विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है।

जिला कलक्टर के अनुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के लिये इस वर्ष की थीम ‘सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन‘ के मद्देनजर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये विभिन्न गतिविधियां की जायेगी। इसके तहत जिला परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी और यातायात पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर में कमी लाने के लिये अपेक्षित कार्यवाही की जायेगी।

परिवर्तन एवं मॉनिटरिंग के साथ-साथ सड़क सुरक्षा मानकों के आधार पर गत वर्ष के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले के हाई रिस्क कोरिडोर्स पर शून्य मृत्यु दर के लिये उपाय किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हाइवे सड़क किनारे पर संचालित अवैध वाहन धुलाई सेंटरों को हटवाया जाना सुनिश्चित करें। वाहन चालकों की आंखों का परिक्षण किया जाए।

जिले में संचालित बालवाहिनीयों की बैठक आयोजित कराई जाएं। कार्यशाला आयोजित कर माल वाहक वाहनों के चालकों एवं अन्य चालकों का प्रशिक्षण दिया जाना सुनिश्चित करें।

जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि सड़कों पर साईन बोर्ड, सड़क चिन्हों तथा स्पीड ब्रेकर, आपातकालीन सेवाओं का उपयोग, सड़क डिजाईन और रखरखाव प्रोटोकॉल में सुरक्षा को प्राथमिकता व्यापक जन जागरूकता अभियान, सड़क सुरक्षा चैम्पियन और भले मददगार व्यक्तियों का सम्मान, पैदल यात्रियों, साईकिल सवारों तथा दुपहिया वाहन चालकों हेतु विशेष जागरूकता अभियान, रोड़ सेफ्टी हेतु प्रतियोगिता आयोजित करने सहित विभिन्न गतिविधियां की जायेगी।

इसके लिये जिला परिवहन अधिकारी को नोडल और पीडब्ल्यूडी एसई व यातायात वृत्ताधिकारी को सहायक नोडल नियुक्त किया गया है। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

जिला कलक्टर ने बताया कि 3 जनवरी को उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण, 4 जनवरी को सड़क सुरक्षा साइकिल रैली तथा 5 जनवरी को प्रमुख पार्को में वरिष्ठ नागरिकों, आगन्तुकों के साथ सड़क सुरक्षा पर चर्चा एवं सड़क सुरक्षा पेम्पलेट आदि का वितरण किया जाएगा।

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विद्युत आपूर्ति रहेगी बाधित

धौलपुर, 2 जनवरी। 220 केवी जीएसएस धौलपुर पर 132, 33 केवी 40, 50 एमवीए ट्रांसफॉर्मर के और 33 केवी इनकमर-तृतीय के सर्किट ब्रेकर के मरम्मत व रख-रखाव होने के कारण 4 जनवरी रविवार को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

अधिशाषी अभियन्ता 220 केवी जीएसएस धौलपुर संध्या चौहान ने बताया कि 4 जनवरी रविवार को 220 केवी जीएसएस धौलपुर से निकलने वाले 33 केवी डांग बसई के सरानीखेड़ा, करीमपुर, जाकी की प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक, 33 केवी धौलपुर के धौलपुर शहर, भामतीपुरा, लाल बाजार, पुराना शहर व जगन टॉकीज की प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 तक तथा 33 केवी सैपऊ के सैपऊ, बसई नवाब व तसीमो की दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

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राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026, प्रदेश के स्टार्टअप्स एवं युवा उद्यमियों को फंडिंग और मेंटरिंग का मिलेगा वैश्विक मंच

आईटी और स्टार्टअप के विकास का प्रमुख केन्द्र ‘राजस्थान’-भजनलाल शर्मा
प्रदेश में पहली बार राजस्थान रीजनल एआई इम्पेक्ट कॉन्फ्रेंस का होगा आयोजन, एआई विषय पर आयोजित होंगे सेक्टोरल सेशन

धौलपुर, 2 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरिंग का वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के लिए 4 से 6 जनवरी तक जयपुर में ‘राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026’ का महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। इससे प्रदेश आई.टी. और स्टार्टअप विकास के प्रमुख केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण समन्वय से पूरी की जाए।

शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पहली बार वृहद् स्तर पर आयोजित होने जा रही इस समिट में 10 हजार से अधिक संख्या में प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें देश व राज्य के स्टार्टअप्स, निवेशक, युवा उद्यमी, आई.टी. प्रोफेशनल्स, शिक्षण संस्थान एवं स्टूडेंट्स सहित कई राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी तथा उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 2 वर्षों में स्टार्टअप्स के लिए कई नीतिगत निर्णय लिए हैं, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी के विकास का नया ईको सिस्टम विकसित हुआ है। इस समिट के माध्यम से राजस्थान के स्टार्टअप्स को 200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

साथ ही, राजस्थान के आई-स्टार्ट प्रोग्राम में चिन्हित स्टार्टअप्स को इस आयोजन के जरिए एक वर्ष की मेंटरशिप मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेक्टोरल सेशन के जरिए भी स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को फिनटेक, ई-कॉमर्स, एग्रीटेक, हेल्थटेक, प्रोपटेक, एवीजीसी, मीडियाटेक, स्पोर्ट्सटेक, एआईएमएल और डीपटेक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विशेषज्ञ संबंधित क्षेत्र की जानकारी साझा करेंगे।

शर्मा ने कहा कि इस समिट में कई राज्यों सहित राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के पवेलियन के जरिये प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी तथा स्टार्टअप्स के 114 स्टॉल्स के माध्यम से नवाचारों को पहचान दिलाने का अवसर भी मिलेगा।
डिजिफेस्ट में वैश्विक कंपनियों की भागीदारी

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश में आयोजित होने जा रहे राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 में 1 हजार 200 से अधिक वैश्विक कम्पनियों के फाउण्डर, सीईओ व निवेशकों सहित 20 से अधिक यूनीकॉर्न/सूनीकॉर्न स्टार्टअप्स के फाउण्डर शामिल होंगे। इस समिट में स्टार्टअप्स के संस्थापकों को फंडिंग और मेंटरिंग का अवसर मिलेगा। साथ ही, डिजिफेस्ट में आयोजित हो रहे सेक्टोरल सेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
राजस्थान रीजनल एआई इम्पेक्ट कॉन्फ्रेंस
मुख्यमंत्री जारी करेंगे ‘राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी’
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के तहत राजस्थान रीजनल एआई इम्पेक्ट कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस में एआई विषय पर आधारित सेक्टोरल सेशन का भी आयोजन होगा। राजस्थान में आयोजित होने जा रही यह कॉन्फ्रेंस केन्द्र सरकार के इंडिया एआई मिशन से समन्वय स्थापित करते हुए भारत को एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में अप्रैल 2025 में राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी एवं दिसम्बर 2024 में राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी लाई गई। इसी कड़ी में अब श्री शर्मा डिजिफेस्ट के दौरान 6 जनवरी को राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी भी जारी करेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग एवं वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के उच्चाधिकारी तथा टाई राजस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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जिले में धातु एवं सिंथेटिक मांझे की थोक एवं खुदरा बिक्री निषेध

किसान फसल को पाले से बचाने के लिए अपनाएं अनुचित उपाय

धौलपुर, 2 जनवरी। वर्तमान में तापमान गिरने से आसमान साफ व हवा बंद होने पर रात्रि के समय 12 बजे के बाद पाला पड़ने की संभावना को मद्देनजर रखते हुए फसलों को बचाने के उपाय करने आवश्यक है।
हल्की सिंचाई करना- संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जिला परिषद प्रभुदयाल शर्मा ने बताया कि आमतौर पर जब आसमान साफ हो और हवा न चले तो खेत में हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए। गिली मिट्टी सूरज की गर्मी को सूखी मिट्टी की तुलना में ज्यादा देर तक रोक कर रखती है। जिससे खेत का तापमान बाहरी वातावरण से 2-3 डिग्री बढ़ जाता है।
धुंआ करना- रात के समय खेत की मेड़ों पर कचरा, सूखी घास या भूसा जलाकर धुंआ करना चाहिए। धुंआ खेत के ऊपर एक सुरक्षा कवच बना लेता है, जो जमीन की गर्मी को अंतरिक्ष में जाने से रोकता है। धुंआ अक्सर उत्तर-पश्चिम दिशा में करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि व्यापारिक गंधक का अम्ल 0.1 प्रतिशत अर्थात एक हजार लीटर पानी में एक लीटर अम्ल तेजाब मिलाकर खेत में छिड़काव करना चाहिए। इससे 10-15 दिन तक फसल का आंतरिक तापमान बना रहता है।
यदि व्यापारिक गंधक का अम्ल उपलब्ध नहीं हो तो घुलनशील सल्फर 80 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। जिन किसानों ने बुवाई के समय सल्फर या जिप्सम का प्रयोग किया है। उनको पाले से बचाव के उपाय करने की विशेष आवश्यकता नहीं होगी।
उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवाओं से बचने के लिए छोटे पौधों या नर्सरी को बचाने के लिए इस दिशा में घास फूस की टाटी या पर्दा बांध देना चाहिए। छोटे पौधों को प्लास्टिक मल्च या पुआल से भी ढका जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अगर किसानों की फसल पर पाले का असर हो गया हो, तो धूप निकलने पर एनपीके 19ः19ः19 एक किलोग्राम खाद प्रति 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करने से फसल को उभरने में मदद मिलेगी। फूल व दाने की अवस्था में सरसों, टमाटर, बैगन, मिर्च, अरहर, आलू की फसल पाले से ज्यादा प्रभावित होती है।

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